जन्माष्टमी-भगवान श्री कृष्ण के श्लोक, अर्थ और सुंदर Quotes

भगवान श्री कृष्ण बांसुरी बजाते हुए

जन्माष्टमी हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है। इसे श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया जाता है।

जन्माष्टमी का महत्व

  •कब मनाई जाती है: भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को।
      •महत्व: मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने धर्म की रक्षा और अधर्म का नाश करने के लिए मथुरा में जन्म लिया था।
      •उपवास: अनेक भक्त दिनभर व्रत रखते हैं और रात में श्रीकृष्ण के जन्म के बाद व्रत खोलते हैं।
      •पूजा: आधी रात के समय भगवान कृष्ण की पूजा की जाती है, क्योंकि मान्यता है कि उनका जन्म मध्यरात्रि में हुआ था।
      •झांकी और भजन: मंदिरों और घरों में कृष्ण की झांकियां सजाई जाती हैं तथा भजन-कीर्तन किए जाते हैं।
      •दही-हांडी: विशेष रूप से महाराष्ट्र और कुछ अन्य क्षेत्रों में दही-हांडी का आयोजन किया जाता है, जिसमें कृष्ण की बाल-लीलाओं को याद किया जाता है।

जन्माष्टमी का मुख्य संदेश प्रेम, भक्ति, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलना है। भगवान श्रीकृष्ण ने भगवद्गीता में कर्म करते रहने और फल की चिंता न करने का संदेश दिया है।

जन्माष्टमी के लिए सुंदर श्लोक या कैप्शन

यहाँ श्रीमद्भगवद्गीता से भगवान श्रीकृष्ण के कुछ सुंदर और अर्थपूर्ण श्लोक दिए गए हैं, साथ ही उनके हिंदी और अंग्रेज़ी अर्थ भी दिए गए हैं, जिन्हें आप Instagram और WhatsApp के कैप्शन के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।

1. कर्मण्येवाधिकारस्ते — Your Duty, Not the Result

श्लोक:कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।
मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥

— भगवद्गीता 2.47

हिंदी अर्थ:    तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है, उसके फल पर कभी नहीं। इसलिए कर्म के फल को अपना उद्देश्य मत बनाओ और कर्म न करने में भी आसक्त मत हो।

English Meaning: You have the right to perform your duty, but not to the fruits of your actions. Do not let the results of your actions be your sole motivation, nor become attached to inaction. 


2. यदा यदा हि धर्मस्य — Whenever Dharma Declines

श्लोक:यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत।
अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्॥परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्।
धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे॥


— भगवद्गीता 4.7–8

हिंदी अर्थ:हे भारत! जब-जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब-तब मैं स्वयं प्रकट होता हूँ। साधुओं की रक्षा, दुष्टों के विनाश और धर्म की स्थापना के लिए मैं हर युग में अवतार लेता हूँ।

English Meaning: Whenever righteousness declines and unrighteousness rises, I manifest Myself. I appear age after age to protect the righteous, destroy evil, and restore Dharma.

3. वासांसि जीर्णानि — The Soul Never Dies

श्लोक:वासांसि जीर्णानि यथा विहाय
नवानि गृह्णाति नरोऽपराणि।
तथा शरीराणि विहाय जीर्णा-
न्यन्यानि संयाति नवानि देही॥

— भगवद्गीता 2.22

हिंदी अर्थ: जिस प्रकार मनुष्य पुराने वस्त्रों को त्यागकर नए वस्त्र धारण करता है, उसी प्रकार आत्मा पुराने शरीर को छोड़कर नया शरीर धारण करती है।

English Meaning: Just as a person discards old clothes and puts on new ones, the embodied soul leaves an old body and enters a new one.

4. मन्मना भव मद्भक्तो — Remember Krishna

श्लोक:मन्मना भव मद्भक्तो मद्याजी मां नमस्कुरु।
मामेवैष्यसि युक्त्वैवमात्मानं मत्परायणः॥
— भगवद्गीता 9.34

हिंदी अर्थ: मुझमें मन लगाओ, मेरे भक्त बनो, मेरी पूजा करो और मुझे प्रणाम करो। इस प्रकार मुझे अपना परम लक्ष्य मानकर तुम निश्चित रूप से मुझे प्राप्त हो जाओगे।

English Meaning: Fix your mind on Me, become My devotee, worship Me, and offer your respects to Me. With Me as your supreme goal, you will surely attain Me.


5. सर्वधर्मान् परित्यज्य — Surrender to Krishna

श्लोक:सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज।
अहं त्वां सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामि मा शुचः॥
— भगवद्गीता 18.66

हिंदी अर्थ: सभी प्रकार के आश्रयों को छोड़कर केवल मेरी शरण में आ जाओ। मैं तुम्हें सभी पापों से मुक्त कर दूँगा; तुम शोक मत करो।

English Meaning: Abandon all other forms of dependence and surrender yourself to Me alone. I shall liberate you from all sins; do not grieve.


जय श्री कृष्ण


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